Lactic Acid Bacteria क्या है? दही में छुपा इस बैक्टीरिया को क्यों 90% लोग नहीं जानते

दही से लेकर पेट तक जानिए आपके शरीर में कैसे जादू करते हैं Lactic Acid Bacteria!

​हे दोस्तों! स्वागत है अदृश्य दुनिया में!

आज हम एक ऐसी ‘अदृश्य’ चीज़ की पड़ताल करने वाले हैं, जो आँखों से दिखती तो बिल्कुल नहीं है, लेकिन हमारी सेहत और रोज़मर्रा की ज़िंदगी को चुपचाप कंट्रोल कर रही है। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं Lactic Acid Bacteria (LAB) की! वही छोटे-छोटे प्यारे जीव जो आपके घर में जमने वाले ताज़े दही, छाछ, अचार और यहाँ तक कि आपके पेट के पूरे सिस्टम को दुरुस्त रखते हैं।

​माइक्रोबायोलॉजी और सूक्ष्मजीवों की इस दुनिया में मेरी दिलचस्पी काफी पुरानी है। कॉलेज के दिनों में जब मैंने पहली बार लैब में माइक्रोस्कोप के नीचे दही की एक बूंद रखी थी, तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ कि इतने सारे छोटे-छोटे बैक्टीरिया (Lactobacillus) एक साथ काम कर रहे हैं! उसी दिन मुझे समझ आया कि जो चीज़ें हमें नंगी आँखों से नहीं दिखतीं, वही हमारी सेहत की असली चाबी होती हैं।

​अगर आपको लगता है कि साइंस की बातें सिर्फ भारी-भरकम किताबों और लैब तक सीमित हैं, तो इस पोस्ट को पूरा पढ़िए। आज हम चाय की चुस्कियों के साथ, एकदम देसी और दोस्ताना अंदाज़ में समझेंगे कि ये सूक्ष्म दोस्त क्या है और हमारे लिए क्यों इतने ज़रूरी हैं। तो चलिए, बिना किसी जटिल मेडिकल भाषा के, शुरू करते हैं एक-एक चीज़ आसानी से और मज़ेदार तरीकों से इस अदृश्य दुनिया का सफर!

​Lactic Acid Bacteria क्या हैं ? और यह नाम क्यों पड़ा?

​सबसे पहले समझ लो कि Lactic Acid Bacteria (LAB) असल में क्या चीज़ हैं। यह बैक्टीरिया का एक बड़ा और खास समूह है, जो कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrates) को तोड़कर मुख्य रूप से Lactic Acid बनाते हैं। बस, इसी काम की वजह से इनका नाम Lactic Acid Bacteria पड़ गया!

​साइंस की भाषा में कहें तो यह ग्राम-पॉजिटिव (Gram-positive) होते हैं, ज्यादातर बिना स्पोर Non-spore forming वाले होते हैं और इन्हें फलने-फूलने के लिए ऑक्सीजन की बहुत ज़्यादा ज़रूरत नहीं पड़ती।

​लेकिन अगर आसान और देसी भाषा में कहूँ? तो ये वो “गुड बॉयज़” यानी अच्छे बैक्टीरिया हैं, जो पेट में बुरे और नुकसानदायक बैक्टीरिया को दादागिरी नहीं करने देते और आपके पेट की दुनिया Gut Microbiome में एकदम संतुलन बनाए रखते हैं।

​Lactic Acid Bacteria कहाँ से आते हैं?

​आप सोचोगे कि भाई, ये अचानक कहाँ से आ गए?

  • ​अरे भाई, ये कोई नई चीज़ नहीं हैं, ये तो सदियों से हमारे और आपके साथ रह रहे हैं!
  • ​जब बचपन में हमारी दादी-नानी घर पर मटके में दही जमाती थीं, तब भी यही Lactic Acid Bacteria चुपचाप अपना जादू चला रहे होते थे।

​आजकल की मॉडर्न साइंस और वैज्ञानिक इन्हें Probiotics के नाम से बुलाते हैं। Probiotics का सीधा मतलब है वो जीवित सूक्ष्मजीव (Live Microorganisms), जो अगर सही मात्रा में हमारे पेट में जाएँ, तो सेहत को तगड़ा फायदा पहुँचाते हैं!

एक छोटा सा कन्फ्यूजन दूर कर लो: Lactic Acid Bacteria और Probiotics अक्सर एक ही चीज़ लगते हैं, लेकिन थोड़ा फर्क है। हर Lactic Acid Bacteria प्रोबायोटिक नहीं होता, लेकिन बाज़ार में मिलने वाले ज़्यादातर Probiotics असल में इसी परिवार के होते हैं खासकर Lactobacillus और Bifidobacterium वाले!

​प्रकृति में कहाँ-कहाँ बसे हैं ये छोटे दोस्त?

​ये बैक्टीरिया प्रकृति में हर जगह मौजूद हैं।

  • ​मिट्टी और पौधों पर
  • ​जानवरों और इंसानों के शरीर में
  • ​और सबसे ज़्यादा… फर्मेंटेड फूड्स (Fermented Foods) में!

​जब दूध खट्टा होकर दही बनता है या सब्जियाँ फर्मेंट होती हैं, तो यही Lactic Acid Bacteria फ्रंट लाइन पर आकर काम करते हैं। ये न सिर्फ खाने को खराब होने से बचाते हैं, बल्कि उसमें वो बढ़िया खट्टा स्वाद और महक भी जोड़ते हैं।

​पुराने ज़माने में जब फ्रिज या प्रिजर्वेटिव्स नहीं होते थे, तब हमारे पूर्वज इन्हीं बैक्टीरिया की मदद से खाने को महीनों तक सुरक्षित रखते थे। आज भी हमारे घरों के कई पारंपरिक पकवान इसी कुदरती साइंस पर टिके हुए हैं!

​ये Lactic Acid Bacteria दिखते कैसे हैं?

​अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि भाई, ये Lactic Acid Bacteria आखिर दिखने में कैसे होते हैं? अगर आप इन्हें किसी पावरफुल माइक्रोस्कोप के नीचे देखोगे, तो ये आपको दो मुख्य आकारों (Shapes) में नज़र आएँगे। कुछ छोटू कैप्सूल या बेलन (Rod shape) जैसे दिखते हैं, जिन्हें साइंस में Bacillus कहते हैं। जैसे आपका प्यारा Lactobacillus। वहीं कुछ एकदम गोल-मटोल मोतियों Spherical shape जैसे होते हैं, जिन्हें Coccus कहा जाता है जैसे Streptococcus

Lactic Acid Bacteria in hindi

ये अक्सर अकेले नहीं घूमते, बल्कि आपस में जुड़कर लंबी जंजीर या जोड़े बना लेते हैं। वैसे तो ये इतने छोटे होते हैं कि नंगी आँखों से कभी नहीं दिखते, लेकिन जब दही जमती है या दूध खट्टा होकर गाढ़ा होता है, तो समझ जाओ कि ये अरबों-खरबों ‘छोटे दोस्त’ एक साथ मिलकर अपनी पूरी पलटन के साथ काम पर लगे हुए हैं!

​Lactic Acid Bacteria कितने प्रकार के होते है?

​अब चलो थोड़ा और अंदर घुसते हैं और इस बैक्टीरिया फैमिली के मुख्य सदस्यों से मिलते हैं! Lactic Acid Bacteria के कई प्रकार होते हैं। अगर साइंस की भाषा में कहें तो इनके मुख्य Genera (वंश) ये हैं:

  • Lactobacillus (सबसे ज्यादा जाना-माना)
  • Lactococcus
  • Streptococcus
  • Leuconostoc
  • Pediococcus

​इसके अलावा Bifidobacterium को भी अक्सर इन्हीं के साथ जोड़ा जाता है, क्योंकि वे भी Lactic Acid बनाते हैं।भले ही वे थोड़ा अलग फाइलम (Phylum) से आते हों।

​इनके नाम थोड़े लंबे हैं, लेकिन काम एकदम कमाल के हैं! इनमें से कुछ नाम तो आपने टीवी विज्ञापनों में या दही के पैकेट पर ज़रूर सुने होंगे:

  • Lactobacillus acidophilus: यह दही और Probiotics में सबसे आम पाया जाता है। यह पेट में जाकर जम जाता है और बुरे बैक्टीरिया को पनपने से रोकता है।
  • Lactobacillus rhamnosus (GG Strain): इस पर वैज्ञानिकों ने सबसे ज़्यादा रिसर्च की है! यह दस्त (Diarrhea) और पेट के इन्फेक्शन में बहुत ही फायदेमंद माना जाता है।
  • Lactobacillus plantarum: यह थोड़ा ‘रफ एंड टफ’ (मजबूत) किस्म का बैक्टीरिया है जो फर्मेंटेड सब्जियों जैसे कि अचार और किमची में खूब मिलता है।
  • Bifidobacterium longum & Bifidobacterium bifidum: ये खासकर बच्चों और बड़ों दोनों के Gut Microbiome (पेट की दुनिया) को सेहतमंद रखने के लिए बेहद ज़रूरी माने जाते हैं।

जरूरी टिप: बाज़ार से प्रोबायोटिक सप्लीमेंट लेते समय केवल ‘Lactobacillus’ देखकर मत खरीदें। हमेशा लेबल पर बैक्टीरिया का Strain (जैसे GG) और CFU (Colony Forming Units) जरूर चेक करें, जो बताता है कि सप्लीमेंट में कितने जीवित बैक्टीरिया मौजूद हैं!

​शरीर में Lactic Acid Bacteria कैसे काम करते हैं?

​भाई, इनका सबसे बड़ा और असली कमाल हमारे पेट में दिखता है!

Lactic Acid Bacteria

​हमारी आँत (Gut) में अरबों-खरबों छोटे सूक्ष्मजीव रहते हैं, जिन्हें साइंस की भाषा में Gut Microbiome कहते हैं। जब तक ये संतुलन में हैं, तब तक सब बढ़िया है। लेकिन जैसे ही यह संतुलन बिगड़ता है, तुरंत गैस, कब्ज, दस्त और पेट फूलने (Bloating) जैसी समस्याएँ शुरू हो जाती हैं।

​ऐसे में Lactic Acid Bacteria हमारे पेट के असली रक्षक बनकर काम करते हैं। आइए समझें कि यह अंदर जाकर क्या-क्या कमाल करते हैं:

​1. pH कम करके बुरे बैक्टीरिया की छुट्टी करते हैं

​ये बैक्टीरिया पेट में जाकर कार्बोहाइड्रेट से Lactic Acid बनाते हैं। इससे आँत का माहौल थोड़ा अम्लीय (Acidic) हो जाता है और pH लेवल गिर जाता है। मज़ेदार बात यह है कि ज़्यादातर हानिकारक और बीमारी फैलाने वाले बैक्टीरिया इस एसिडिक माहौल में जी ही नहीं पाते और पनपने से पहले ही खत्म हो जाते हैं!

​2. आँत की दीवार को मजबूत बनाते हैं

​यह सिर्फ लैक्टिक एसिड ही नहीं बनाते, बल्कि Short-Chain Fatty Acids (SCFAs) का उत्पादन भी करते हैं। ये फैटी एसिड्स हमारी आँत की अंदरूनी दीवारों (Gut Lining) को न्यूट्रिशन देते हैं और उन्हें एकदम मजबूत बनाए रखते हैं।

​3. एंटीबायोटिक के नुकसान से बचाते हैं

​एक बड़ी मज़ेदार और काम की बात बताऊँ? जब भी आप बीमार पड़कर कोई एंटीबायोटिक दवाई लेते हैं, तो वह दवाई अच्छे और बुरे दोनों तरह के बैक्टीरिया को साफ कर देती है। यही वजह है कि एंटीबायोटिक खाने के बाद पेट खराब होना बहुत आम बात है।

​ऐसे समय में Lactic Acid Bacteria वाले Probiotics पेट को दोबारा रिकवर करने में बहुत मदद करते हैं। कई scientific studies में देखा गया है कि यह Antibiotic-Associated Diarrhea को बहुत हद तक कम कर देते हैं। इसलिए मैं अक्सर सलाह देता हूँ कि एंटीबायोटिक का कोर्स खत्म होने के दौरान या बाद में ताज़ा दही या कोई अच्छा प्रोबायोटिक सप्लीमेंट ज़रूर लेना चाहिए।

​4. Leaky Gut से सुरक्षा और म्यूकस लेयर को मजबूती

​ये बैक्टीरिया हमारी आँत की म्यूकस लाइनिंग (Mucus Layer) को thick और मजबूत बनाते हैं। इससे फायदा यह होता है कि खाने के विषैले तत्व और टॉक्सिन्स आसानी से छनकर हमारे खून में नहीं पहुँच पाते। यही कारण है कि इन्हें Leaky Gut जैसी समस्याओं में भी काफी मददगार माना जाता है। हालांकि इस पर रिसर्च अभी जारी है।

​5. शरीर के लिए बनाते हैं ज़रूरी विटामिन्स!

​ये सिर्फ आपके पेट की सफाई ही नहीं करते, बल्कि एक छोटे न्यूट्रिशन कारखाने की तरह काम करते हैं। ये आपके शरीर के लिए कुछ बेहद ज़रूरी B-Vitamins जैसे B12, फोलेट आदि बनाने में भी सीधी मदद करते हैं।

​सार यही है कि यह छोटे-छोटे बैक्टीरिया हमारे पेट के अंदर एक पूरी सुरक्षा कवच तैयार करते हैं, ताकि आप जो भी खाएँ, वो सही से पचे और आपका शरीर चुस्त-दुरुस्त रहे! अगर आप पेट के स्वास्थ्य और इन माइक्रोबायोम के बारे में वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गहराई से जानना चाहते हैं, तो आप Harvard Gut Microbiome Guide पढ़ सकते हैं।

​Lactic Acid Bacteria के स्वास्थ्य संबंधी मुख्य फायदे

​अब बात करते हैं स्वास्थ्य के सबसे बड़े फायदों की! भाई, अगर आपको लगता है कि Lactic Acid Bacteria सिर्फ पेट साफ रखने या खाना पचाने तक सीमित हैं, तो आप बिल्कुल गलत हैं। यह आपके पूरे शरीर के सिस्टम को दुरुस्त रखने में मास्टर की भूमिका निभाते हैं।

आइए एक-एक करके इनके ज़बरदस्त फायदों पर नज़र डालते हैं:

  • ये immunity को भी मजबूत करते हैं। कैसे? ये आँत की इम्यून कोशिकाओं से बात करते हैं और शरीर की रक्षा प्रणाली को ट्रेन करते हैं। कुछ स्ट्रेन्स एलर्जी के लक्षण कम करने में मदद करते हैं, कुछ वात रोग या सूजन वाली बीमारियों में राहत दे सकते हैं। cholesterol कम करने वाले कुछ स्ट्रेन्स भी हैं। उदाहरण के लिए Lactobacillus reuteri के कुछ स्ट्रेन कोलेस्ट्रॉल कम करने में प्रभावी पाए गए हैं।
  • महिलाओं के लिए तो ये और भी खास हैं। योनि में भी Lactobacillus की अच्छी मात्रा होनी चाहिए। ये वहाँ अम्लीय माहौल बनाकर yeast infection और अन्य संक्रमणों से बचाव करते हैं। अगर संतुलन बिगड़े तो समस्याएँ बढ़ जाती हैं। इसलिए कई डॉक्टर vaginal health के लिए भी probiotics की सलाह देते हैं।
  • बच्चे भी इनसे फायदा उठा सकते हैं। जन्म के समय माँ से बच्चे को कुछ अच्छे बैक्टीरिया मिलते हैं। स्तनपान से भी Bifidobacterium जैसे बैक्टीरिया बढ़ते हैं। अगर बच्चे को बार-बार दस्त हो या पेट की समस्या हो, तो डॉक्टर की सलाह से lactic acid bacteria वाले probiotics दिए जा सकते हैं।
  • मूड और दिमाग पर भी असर पड़ता है। gut-brain axis नाम की चीज होती है। आँत और दिमाग एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। अच्छे बैक्टीरिया serotonin जैसे मूड सुधारने वाले पदार्थों के उत्पादन में मदद करते हैं। कई लोग कहते हैं कि पेट ठीक रहे तो मन भी हल्का रहता है। मैंने खुद देखा है लोगों में। तनाव कम करने और नींद सुधारने में भी कुछ स्ट्रेन्स की भूमिका बताई जाती है।
  • खेलने वालों या फिटनेस वालों के लिए भी ये फायदेमंद हो सकते हैं। व्यायाम के बाद रिकवरी, सूजन कम करने और immunity बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

​भाई, भले ही इनके इतने सारे फायदे हैं, लेकिन ये कोई ‘जादुई गोली’ नहीं हैं! यह तभी सबसे अच्छा काम करेंगे जब आपकी डाइट अच्छी होगी, आप पूरी नींद लेंगे और नियमित रूप से व्यायाम करेंगे। सब चीज़ें साथ मिलकर ही काम करती हैं! यह केवल एक पारंपरिक धारणा नहीं है, बल्कि आधुनिक विज्ञान ने भी माना है कि Lactic Acid Bacteria हमारी Immune System को मजबूत करते हैं और पेट के संक्रमण को रोकते हैं। इसके विस्तृत क्लीनिकल प्रमाण आप इस NCBI Scientific Study में देख सकते हैं।

ये बैक्टीरिया कहाँ-कहाँ मिलते हैं?

​सप्लीमेंट के चक्कर में पड़ने से पहले अपने खाने पर ध्यान दो। यह प्राकृतिक रूप से इन चीज़ों में भरपूर मिलते हैं। आइए देखते हैं कि रसोई की किन-किन चीज़ों में ये ‘गुड बैक्टीरिया’ भरपूर मात्रा में छिपे होते हैं:

  • डेयरी उत्पाद: घर का ताज़ा दही, छाछ, लस्सी और केफिर (Kefir)। लेकिन ध्यान दें: बाज़ार में मिलने वाले अत्यधिक प्रोसेस्ड या पाश्चुरीकृत दही में बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं, इसलिए Live and Active Cultures वाला विकल्प ही चुनें।
  • फर्मेंटेड सब्जियाँ: देसी अचार (जो बिना सिरके के फर्मेंट किया गया हो), किमची (Kimchi) और सॉकरक्राट (Sauerkraut)।
  • पारंपरिक भारतीय खाना: दक्षिण भारत का इडली-डोसा बैटर, कांजी और हाथ का बना पारंपरिक घोल। सोचकर हैरानी होती है कि हमारे पूर्वजों का खानपान कितना वैज्ञानिक था!

आपने भी घर पर कभी न कभी गौर किया होगा कि सर्दियों के दिनों में जब हम दही जमाने के लिए ‘जामुन’ (पुराना दही) डालते हैं, तो दही जमने में काफी समय लगता है। वहीं गर्मियों में यह काम 4-5 घंटे में ही हो जाता है। जब मैंने इस पर थोड़ा गौर किया तो समझ आया कि ये बैक्टीरिया तापमान को लेकर कितने संवेदनशील होते हैं! सही तापमान मिलते ही ये Lactic Acid Bacteria इतनी तेज़ी से मल्टीप्लाई होते हैं कि दूध को चुटकियों में गाढ़े और स्वादिष्ट दही में बदल देते हैं।

​Lactic Acid Bacteria से जुड़े 7 हैरान कर देने वाले रोचक तथ्य

​भाई, जाते-जाते इन छोटे-छोटे सूक्ष्मजीवों के बारे में कुछ ऐसे मजेदार बातें भी जान लो, जिन्हें पढ़कर आप हैरान रह जाओगे:

  1. स्पेस में भी जा चुके हैं ये बैक्टीरिया – वैज्ञानिकों ने यह देखने के लिए कि क्या ये बैक्टीरिया बिना गुरुत्वाकर्षण यानी Zero Gravity के भी ज़िंदा रह सकते हैं, Lactic Acid Bacteria जैसे Lactobacillus को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर भेजा था। और कमाल की बात यह है कि ये वहाँ भी आराम से सर्वाइव कर गए!
  2. पेट का ‘सेकंड ब्रेन’ कनेक्शन – हमारे शरीर में बनने वाला लगभग 90% सेरोटोनिन (Serotonin) जो हमारे मूड को खुश रखता है और डिप्रेशन से बचाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये दिमाग में नहीं, बल्कि हमारे पेट में इन्हीं बैक्टीरिया की मदद से बनता है! इसीलिए जब पेट खुश रहता है, तो मन अपने आप हल्का हो जाता है।
  3. इंसान से ज़्यादा तो बैक्टीरिया हैं आपके अंदर – अगर आप सोच रहे हैं कि आपका शरीर सिर्फ कोशिकाओं से बना है, तो रुकिए! आपके शरीर में मौजूद कोशिकाओं की संख्या से कहीं ज़्यादा (लगभग 1.3 गुना) बैक्टीरिया आपके पेट और शरीर में बसते हैं। यानी देखा जाए तो हम बैक्टीरिया का एक चलता-फिरता शहर हैं!
  4. दुनिया का सबसे पुराना ‘नेचुरल प्रिजर्वेटिव’- आजकल तो खानों में तरह-तरह के केमिकल्स और प्रिजर्वेटिव्स डाले जाते हैं, लेकिन इंसान पिछले 8,000 से भी ज़्यादा सालों से दही और फर्मेंटेड खानों के ज़रिए इन्हीं Lactic Acid Bacteria का इस्तेमाल खाने को सुरक्षित और ताज़ा रखने के लिए कर रहा है।
  5. बुरे बैक्टीरिया से ‘केमिकल वॉर’ (Chemical Warfare) – ये बैक्टीरिया पेट में सिर्फ शांत बैठकर काम नहीं करते, बल्कि बुरे और बीमारी फैलाने वाले बैक्टीरिया को मारने के लिए अपने अंदर से Bacteriocins नाम का एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक (Weapon) छोड़ते हैं, जिससे हानिकारक बैक्टीरिया तुरंत खत्म हो जाते हैं।
  6. प्लास्टिक की समस्या मिटाने में भी मददगार – क्या आप जानते हैं? Lactic Acid Bacteria जिस Lactic Acid का उत्पादन करते हैं, उससे Polylactic Acid (PLA) नाम का एक बायो-प्लास्टिक (Eco-friendly Plastic) बनाया जाता है, जो पर्यावरण में खुद-ब-खुद गल जाता है और प्रदूषण नहीं फैलाता!
  7. हर इंसान का ‘बैक्टीरिया फिंगरप्रिंट’ अलग होता है – जैसे हर इंसान के फिंगरप्रिंट्स अलग होते हैं, वैसे ही हर व्यक्ति के पेट के अंदर का Gut Microbiome (LAB की प्रजातियाँ और संख्या) बिल्कुल अनोखा और अलग होता है। आपके पेट की दुनिया दुनिया के किसी भी दूसरे इंसान से मैच नहीं करती!

पेट सही तो ज़िंदगी सही!

तो दोस्तों! यह थी Lactic Acid Bacteria की वो अदृश्य दुनिया, जो हमारे पेट में रहकर हमारी सेहत का पूरा ख़याल रखती है।

​उम्मीद है कि अब जब भी आप घर पर ताज़ा दही खाएँगे या छाछ की चुस्की लेंगे, तो इन ‘छोटे जाबाज़ों’ की मेहनत आपको ज़रूर याद आएगी! पेट की सेहत कोई एक दिन का खेल नहीं है। इसे खुश रखोगे, तो आपकी पूरी बॉडी और मूड दोनों फर्स्ट क्लास रहेंगे।

अब आपकी बारी!

क्या आप रोज़ अपने खाने में दही या फर्मेंटेड चीज़ें शामिल करते हैं? या आपका पेट से जुड़ा कोई खास सवाल है? नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर मुझे ज़रूर बताएँ, मैं आपके हर सवाल का जवाब देने की पूरी कोशिश करूँगा!

​अगर आपको Adrishya Duniya की यह पोस्ट पसंद आई हो, तो इसे अपने उन दोस्तों और फैमिली ग्रुप्स में शेयर ज़रूर करें जो अपनी सेहत और खानपान का ध्यान रखते हैं। स्वस्थ रहिए, मस्त रहिए, और अपने अंदर के इस सूक्ष्म जगत का ख़याल रखिए! मिलते हैं अगले ब्लॉग में एक और नए और दिलचस्प टॉपिक के साथ!

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या सप्लीमेंट के सेवन से पहले योग्य डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

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